टॉपिक 8: छत्तीसगढ़ के खनिज संसाधन

छत्तीसगढ़ को खनिजों की भूमि कहा जाता है। यह देश का एक ऐसा राज्य है जो खनिज राजस्व (Mineral Revenue) और उत्पादन के मामले में हमेशा शीर्ष राज्यों में शामिल रहता है। यहाँ के आर्थिक भूगोल से CGPSC और Vyapam में सबसे ज़्यादा सवाल खनिजों की खदानों (Mines) और उनके वितरण से पूछे जाते हैं।

आइए, टॉपिक 8: छत्तीसगढ़ के खनिज संसाधन को पूरी गहराई से समझते हैं।

टॉपिक 8: छत्तीसगढ़ के खनिज संसाधन

छत्तीसगढ़ में देश के कुल खनिज भंडार का लगभग 15% से 18% हिस्सा पाया जाता है। राज्य के कुल खनिज राजस्व में सबसे बड़ा योगदान कोयला (Coal) और लौह-अयस्क (Iron Ore) का है।

छत्तीसगढ़ के 4 मुख्य खनिजों को पूरी बारीकी से नीचे समझाया गया है:

[छत्तीसगढ़ के 4 मुख्य खनिज एवं उनके शैल समूह]

1. कोयला
लोअर गोंडवाना शैल
मुख्य क्षेत्र: सरगुजा, कोरबा

2. लौह-अयस्क
धारवाड़ शैल
मुख्य क्षेत्र: बस्तर, कवर्धा

3. बॉक्साइट
दकन ट्रैप
मुख्य क्षेत्र: जशपुर, मैनपाट

4. टिन
धारवाड़ शैल
मुख्य क्षेत्र: दंतेवाड़ा, सुकमा

1. कोयला (Coal) — ऊर्जा खनिज

  • शैल समूह: लोअर गोंडवाना शैल समूह की चट्टानों में पाया जाता है।
  • कोयले का प्रकार: छत्तीसगढ़ में मुख्य रूप से बिटुमिनस (Bituminous) श्रेणी का गैर-कोकिंग कोयला पाया जाता है।
  • स्थान: उत्पादन और भंडारण के मामले में छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष 3 राज्यों में रहता है।
  • प्रमुख खनन क्षेत्र (Mines):
    • कोरबा: दीपका, गेवरा, कुसमुंडा, प्रगतिनगर। (गेवरा और कुसमुंडा एशिया की सबसे बड़ी मैकेनाइज्ड/ओपन कास्ट कोयला खदानों में गिनी जाती हैं)।
    • रायगढ़: मांड घाटी, खरसिया, गारे-पेलमा।
    • सूरजपुर: विश्रामपुर, रामकोला। (विश्रामपुर का कोयला अपनी शुद्धता के लिए जाना जाता है)।
    • कोरिया एवं MCB: चिरमिरी, झहझरा, सोनहट, सुहागपुर क्षेत्र। (झहझरा खदान अपनी आधुनिक भूमिगत/Underground माइनिंग के लिए प्रसिद्ध है)।

2. लौह-अयस्क (Iron Ore) — धात्विक खनिज

  • शैल समूह: धारवाड़ शैल समूह (आयरन ओर सीरीज) में पाया जाता है।
  • लोहे का प्रकार: छत्तीसगढ़ में अत्यंत उच्च कोटि का हेमेटाइट (Hematite) लोहा पाया जाता है, जिसमें लोहे की मात्रा 65% से अधिक होती है।
  • प्रमुख खनन क्षेत्र (Mines):
    • दंतेवाड़ा (बैलाडीला): यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा लौह-अयस्क क्षेत्र है। बैलाडीला में 14 निक्षेप (Deposits) हैं। यहाँ के किरंदुल और बचेली से निकलने वाले उत्तम लोहे को विशाखापत्तनम बंदरगाह के माध्यम से जापान और दक्षिण कोरिया को निर्यात (Export) किया जाता है।
    • कांकेर: रावघाट, आरीडोंगरी। (रावघाट खदान से भिलाई स्टील प्लांट – BSP को लोहे की आपूर्ति की जाती है)।
    • मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: बोरिया टिब्बू।
    • कबीरधाम (कवर्धा): एकलमा, चेलिकमा।

3. बॉक्साइट (Bauxite) — एल्युमिनियम का अयस्क

  • शैल समूह: दकन ट्रैप के बेसाल्ट लावा चट्टानों के क्षरण से बनता है।
  • उपयोग: इसका उपयोग एल्युमिनियम धातु बनाने में होता है। यहाँ से उत्पादित बॉक्साइट मुख्य रूप से कोरबा के बाल्को (BALCO) प्लांट को भेजा जाता है।
  • प्रमुख खनन क्षेत्र (Mines):
    • सरगुजा: मैनपाट (डांड़केसरा, सपुआ, परपटिया)।
    • बलरामपुर: सामरी पाट, जंरग पाट, तातपानी।
    • जशपुर: पंडरापाट, खुड़िया रानी क्षेत्र।
    • कोरबा: फुटका पहाड़, पवनखेड़ा।

4. टिन (Tin – कैसिटेराइट) — अत्यंत दुर्लभ खनिज

  • विशेषता: छत्तीसगढ़ पूरे भारत का एकमात्र टिन उत्पादक राज्य है। देश का 100% टिन केवल छत्तीसगढ़ में ही मिलता है।
  • शैल समूह: धारवाड़ चट्टानों के पेग्मेटाइट पत्थरों में ‘कैसिटेराइट’ अयस्क के रूप में मिलता है।
  • प्रमुख खनन क्षेत्र (Mines):
    • दंतेवाड़ा: कटेकल्याण, बचेली।
    • सुकमा: गोविंदपाल, मुंडपाल, चितलनार।

5. अन्य महत्वपूर्ण एवं कीमती खनिज

  • चूना पत्थर (Limestone): कड़प्पा शैल समूह। मुख्य क्षेत्र: बलौदाबाजार (झंपन, रावन, खपराडीह), रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा। (इसे सीमेंट का राजा कहा जाता है)।
  • डोलोमाइट: कड़प्पा शैल समूह। मुख्य क्षेत्र: बिलासपुर (हिररी माइंस)। हिररी माइंस से भिलाई स्टील प्लांट को डोलोमाइट भेजा जाता है।
  • हीरा (Diamond): विंध्यन शैल समूह / किम्बरलाइट पाइप। मुख्य क्षेत्र: गरियाबंद जिला (पायलीखंड, बहराडीह, कोदोमाली) और बस्तर (तोकापाल)
  • सोना (Gold): मुख्य क्षेत्र: बलौदाबाजार (सोनाखान क्षेत्र), जशपुर (तपकरा – ईब और मैनी नदी की रेत), कांकेर (सोनादेही)
  • एलेक्जेंड्राइट (Alexandrite): यह एक अत्यंत दुर्लभ रत्न है जो रंग बदलता है। पूरे भारत में यह केवल गरियाबंद जिले के ‘सेंदमुड़ा’ (देवभोग क्षेत्र) में पाया जाता है। इसे साइबोफैन भी कहते हैं।
  • यूरेनियम: मुख्य क्षेत्र: सूरजपुर (प्रतापपुर) और राजनांदगांव (भंडारित साक्ष्य)।

डायरेक्ट एग्जाम मैचिंग की-फैक्ट्स (Quick Revision)

परीक्षा में इन खदानों के नाम बार-बार पूछे जाते हैं, इन्हें अच्छे से याद रखें:

खदान / क्षेत्र का नामसंबंधित खनिजजिला
गेवरा / दीपकाकोयलाकोरबा
किरंदुल / बचेलीलौह-अयस्क / टिनदंतेवाड़ा
हिररी माइंसडोलोमाइटबिलासपुर
पायलीखंडहीरागरियाबंद
सेंदमुड़ा (देवभोग)एलेक्जेंड्राइटगरियाबंद
खुरसेल घाटीउच्च कोटि सगौन वृक्ष (पिछला टॉपिक)नारायणपुर
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